HALASANA (PLOW POSE) हलासन

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HALASANA (PLOW POSE) हलासन

हलासन (HALASANA)

हलासन करने का तरीका और फायदे  HALASANA (PLOW POSE) 

                    हलासन का नाम 'हल' शब्द से रखा गया है | हलासन करते समय शरीर का आकर किसानो द्धारा जमीन जोतने के लिए उपयोग में लिए जानेवाले उपकरण "हल" जैसा होने के कारण इस आसन को हलासन यह नाम दिया गया. जैसे 'हल' खेत को बीज बोने के लिए तैयार करता है, उसी तराह हलासन शरीर और दिमाग को गहरी कायाकल्प के लिए तैयार  करता है | 

 

 

 

 

 

 

 

हलासन के फायदे : 

                      दिमाग को शांत करता है | पाचन प्रणाली और प्रजनन प्रणाली को मजबूत बनाता है | पेट के अंगो और थायरॉयड को उत्तेजित करता है | ये आसन करने से वजन काम होता है और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है | कंधे और रीढ़ की हड्डी में खिचाव पैदा करता है | तनाव और थकान कम कर देता है | ये आसन रोजाना करने से पेट की चरबी कम हो जाती है | मधुमेह के मरीजों के लिए लाभदायक हे ये आसन | 

हलासन करने का तरीका :

१) एक स्वच्छ और समतोल जगह पर योगा मेट या चटाई बिछा कर करे | 
२) पीठ  के बल सीधा लेट जाना है | बाजुओं को सीधा पीठ के बगल में जमी पर टिका कर रखे | 
३) साँस  अंदर लेते हुवे दोनों पेरो को सीधा उठा कर "अर्ध हलासन" में ले आयें | 
४) कोहनियो को जमीन पर टिका कर दोनों हाथो से पीठ को सहारा दीजिये और दोनों पेरो को संतुलन बनाते हुवे धीरे-धीरे पीछे की और ले जाते हुवे जमीन को स्पर्श कीजिये और दोनों हाथो को जमीन पर आगे सीधा कर दीजिये।
५) ये आसन मुद्रा में आपको अपनी क्षमता के अनुसार ६० से ९० सेकंड तक रहना है | फिर पेरो को वापस मूल स्थिति में लाना है | शरुआत में ये आसन को अपनी क्षमता के अनुसार ही करना है और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाये | 

हलासन मे क्या सावधानी रखनी है ?

निचे दिए गए रोगों से पीड़ित व्यक्तिओ को ये आसन नहीं करना चाहिए :

१) चककर आना (Vertigo)

२) उच्च रक्तचाप (High BP)

३) कमर दर्द (Lumbar Spondylitis)

४) गर्दन में दर्द (Cervical Spondylitis)

५) ह्रदयरोग (Heart disease)

६) हड्डी में क्षय रोग (Bone TB)

७) गर्भावस्था (Pregnancy)

अधिकतम मोटापा होने पर शरुवात में कठिनाई हो सकती हे इसीलिए अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए | 

पैरो को ऊपर, निचे और पीछे की और करते समय जटका नहीं देना है | क्रिया को धीरे-धीरे करना है | 

अगर आपको कमर, गर्दन या मेरुदंड में कोई तकलीफ हो तो अपने डॉक्टर या योग शिक्षक की सलाह लेने के बाद ये आसन करना चाहिए |

My youtube channel name: laxman pindariya

 

                          || आभार ||

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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